समय : तीन घण्टे | पूर्णांक : 250

खण्ड – A / SECTION – A

  • निम्नलिखित काव्यांशों की सप्रसंग व्याख्या लगभग 150 शब्दों (प्रत्येक) में कीजिए:
  • (10 x 5 = 50 अंक)
  • (a) सबरंग तंत […] और न कोई सुणि सके, के साई के […] ॥ बिरहा बुरा जान कहाँ […] सुलितान। घट बिरह न संचरै सो घट सदा मसान ॥
  • (b) दादुर मोर कोकिला पीऊ, गिरे बीजु, घट रहे न जीऊ। पुष्य खत सिर ऊपर आवा, बिनु नाह, मंदिर को छावा ।।
  • (c) अट्टहास-सी मुखरित सतत चिरंतन सत्य । किसी सृष्टि के कण कण में तू, यह सुंदर रहस्य है नित्य । जीवन क्षुद्र अंश है, व्यक्त नील घन माला में। सौदामिनी-संधि-सा सुंदर, क्षण भर रहा उजाला में।
  • (d) काँपते हुए किसलय, झरते पराग समुदय, गाते खग नव-जीवन-परिचय, तरु-मलय वलय, ज्योति प्रपात स्वर्गीय, ज्ञात छवि प्रथम स्वीय, जानकी-नयन-कमनीय प्रथम कंपन हीय।
  • (e) पिस गया वह भीतरी औ’ बाहरी दो कठिन पाटों बीच, ऐसी ट्रैजिडी है नीच !!

निम्नलिखित सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

  • (a) बिहारी की काव्य-भाषा और सौंदर्य-दृष्टि की व्याख्या कीजिए। (20 अंक)
  • (b) कामायनी के ‘श्रद्धा सर्ग’ में व्यक्त मानवतावादी दृष्टि की विवेचना कीजिए। (15 अंक)
  • (c) एक लंबी कविता के रूप में ‘असाध्य वीणा’ के काव्य-शिल्प का विश्लेषण कीजिए। (15 अंक)

निम्नलिखित सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

  • (a) कबीर की भक्ति और उनकी सामाजिक दृष्टि के बीच के अंतसंबंध की विवेचना कीजिए। (20 अंक)
  • (b) “‘राम की शक्तिपूजा’ एक युद्ध-विरोधी कविता है।” इस कथन की समीक्षा कीजिए। (15 अंक)
  • (c) ‘ब्रह्मराक्षस’ कविता में व्यक्त जीवन दर्शन की समीक्षा कीजिए। (15 अंक)

निम्नलिखित सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

  • (a) ‘पद्मावत’ के आधार पर जायसी की स्त्री-दृष्टि का विश्लेषण कीजिए। (20 अंक)
  • (b) कुरुक्षेत्र “अन्ततः एक साधारण मनुष्य का शंकाकुल हृदय ही है, जो मस्तिष्क के स्तर पर चढ़कर बोल रहा है।” इस कथन की व्याख्या कीजिए। (15 अंक)
  • (c) दलित विमर्श के परिप्रेक्ष्य में ‘हरिजन गाथा’ कविता की समीक्षा कीजिए। (15 अंक)

खण्ड – B / SECTION – B

निम्नलिखित अवतरणों की सप्रसंग व्याख्या लगभग 150 शब्दों (प्रत्येक) में कीजिए:

  • (10 x 5 = 50 अंक)
  • (a) “वह न बैकुंठ आएगी तो क्या ये मोटे-मोटे लोग जाएंगे, जो गरीबों को दोनों हाथों से लूटते हैं, और अपने पाप को धोने के लिए गंगा में नहाते हैं और मंदिरों में जल चढ़ाते हैं।” (कफन)
  • (b) “उन्हें आसन से उठते देख, हाथ जोड़कर जाने का निवेदन किया—’परंतु देव, भगवान तथागत ने तो वेश्या अंबपाली को भी संघ में शरण दी थी।’ ‘वेश्या स्वतंत्र नारी है, देवी।’ स्थविर ने आसन से उठते हुए उत्तर दिया।”
  • (c) “बावन ने दो आज़ाद देशों की, हिंदुस्तान और पाकिस्तान की ईमानदारी को, इंसानियत को बस दो डग में ही नाप लिया।” (मैला आंचल)
  • (d) “छायावादी मुहावरे में कहा जाता है कि ‘मरकत शिला पर हीरक कण’ बिखरे हैं। लेकिन मैं छायावादी नहीं हूँ और मुझे दूब की हरियाली पर ओस मरकत शिला पर हीरक कण की अपेक्षा कहीं अधिक सुंदर और प्राणवान दिखती है।” (संस्कृति)
  • (e) “जिस मीरा को मैंने वर्षों जाना है, वह अब पास-सी नहीं लगती, अपनी-सी नहीं लगती। उसे मैंने छू-छू कर छूआ था, चूम-चूम कर चूमा था, पर मन पर जब मोह और प्यार की उछलन आती है, तो मीरा नहीं मन्नू की आँखें ही सगी दिखती हैं।” (बादलों के घेरे)

निम्नलिखित सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

  • (a) ‘गोदान’ के आधार पर प्रेमचंद के उपन्यास-विषयक दृष्टिकोण की विवेचना कीजिए। (20 अंक)
  • (b) “‘स्कन्दगुप्त’ ऐतिहासिक कथानक के बावजूद अपने समय के राजनीतिक और सांस्कृतिक प्रश्नों पर विचार करता है।” इस कथन की सोदाहरण समीक्षा कीजिए। (15 अंक)
  • (c) ‘कविता क्या है’ निबंध के आधार पर रामचंद्र शुक्ल की सौंदर्य दृष्टि की विवेचना कीजिए। (15 अंक)

निम्नलिखित सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

  • (a) ‘मैला आंचल’ आंचलिक उपन्यास होते हुए भी अपने समय के बदलते राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य को प्रस्तुत करता है। इस कथन की समीक्षा कीजिए। (20 अंक)
  • (b) “‘आषाढ़ का एक दिन’ साहित्यकार और राजसत्ता के बीच के जटिल संबंध का परीक्षण करता है।” इस कथन की समीक्षा कीजिए। (15 अंक)
  • (c) ‘कुटज’ में व्यक्त जीवन दृष्टि और उसकी निबंध शैली का विश्लेषण कीजिए। (15 अंक)

निम्नलिखित सभी प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

  • (a) “‘बदबू’ औद्योगिक पूँजीवादी सभ्यता की आलोचना करने वाली कहानी है।” इस कथन की समीक्षा कीजिए। (20 अंक)
  • (b) ‘टूटना’ कहानी के आधार पर राजेन्द्र यादव की कथा-दृष्टि का विश्लेषण कीजिए। (15 अंक)
  • (c) गुलाब राय के निबंध ‘भारतीय संस्कृति’ में व्यक्त सांस्कृतिक दृष्टि की विवेचना कीजिए। (15 अंक)

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