[Model Ans in हिंदी & English] UPSC GSM3-2019/Q5: Biotechnology for Farmers Income Improvement? (15m, 250 words)

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Mrunal's Economy Course
  1. QP-GSM3-2019-Agro-Biotechnology for farmers
  2. Mistakes in Biotechnology Answer
  3. Model Answer in Hindi- किसानों के लिए जैव प्रौद्योगिकी

QP-GSM3-2019-Agro-Biotechnology for farmers

  • How can biotechnology improve the living standards of farmers?
  • (किसानों के जीवन मानकों को उन्नत करने के लिए जैव प्रौद्योगिकी किस प्रकार सहायता कर सकती है?) 15m, 250 words
  • Hint: Verbatim answer in NCERT class12 biology textbooks ch.12 “Application of biotechnology”

UPSC Mains Model Answer Writing Framework for Biotechnology Question

Answer Introduction: Biotechnology define / signify

  • Biotechnology deals with large scale production using live organisms, cells or enzymes.
  • It has wide applications in medicine, agriculture, food processing, waste treatment, and energy production.

Body1: Biotechnology for farmers in cropping

  • Bt-Cotton has reduced pesticide input costs, and increased production.
  • Horticulture: With increasing population, the requirement of fruits and vegetables is increasing in the country.
  • But production not increasing with conventional breeding techniques.
  • Further, tomatoes production harmed with climate change and viral diseases.
  • So, development of GM tomato, papaya and watermelon etc can help in this regard.
  • Similar strategy can be adopted in floriculture and ornamental crops.

Body2: Biotechnology in Animal Husbandry

  • Sexing of semen and embryos (by removing the Y chromosome) → only female cattle can be produced → milk production increased → income improved.
  • Cloning, somatic cell nuclear transfer, transgenic animals → improving the breed quality, making them disease and climate resistant.
  • Transgenic cow can produce milk with a more balanced protein & nutrients for human babies than natural cow-milk. → More income by selling such premium products.
  • recombinant DNA technology → Vaccine development → animal diseases controlled. → farmers’ animal upkeep cost declined.

Conclusion: Biotechnology for farmers

  • Thus, the use of biotechnology in agriculture and animal husbandry can improve the agriculture production and make it resilient to disease and climate change, thereby improving the income of farmers. OR
  • Thus, the use of biotechnology will help in a long way to double the Indian farmers’ income by 2022.

Mistakes in Biotechnology Answer

  • If Entire answer is focused on Genetically Modified (GM) crops and their pros and cons.
  • Forgetting about the animal husbandry angle.
  • Type: Fact-based theory Question. I put it under the theory category because it is available in the NCERT class12 biology textbooks ch.12 “Application of biotechnology”
  • Difficulty Level: Easy
  • Score: 6/> out of 15 for most of the candidates.

Model Answer in Hindi- किसानों के लिए जैव प्रौद्योगिकी

Introduction:  (परिचय)

  • जैव प्रौद्योगिकी का संबंध जीवों, कोशिकाओं या एंजाइम का उपयोग करके बड़े पैमाने पर उत्पादन से है।
  • इसका व्यापक अनुप्रयोग चिकित्सा, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, अपशिष्ट निस्तारण एवं ऊर्जा उत्पादन से हैं।

Body: फसल में किसानों के लिए जैव प्रौद्योगिकी

  • बीटी-कपास ने कीटनाशक की लागत को कम किया है एवं उत्पादन में वृद्धि की है।
  • बागवानी: जनसंख्या वृद्धि के साथ, देश में फल और सब्जियों की आवश्यकता आनुपातिक रूप से बढ़ रही है। लेकिन पारंपरिक उत्पादन-तकनीकों के साथ उत्पादन नहीं बढ़ रहा है। इसके अतिरिक्त, जलवायु परिवर्तन एवं विशानुजनित बीमारियों के साथ टमाटर उत्पादन कुप्रभावित हो रहा है। अनुवांशिक रूप से परिवर्तित टमाटर, पपीता और तरबूज आदि का विकास इस सन्दर्भ में सहायक हो सकते है |  इसी तरह की रणनीति फूलों की खेती और सजावट हेतु प्रयुक्त होने वाली फसलों में भी अपनाई जा सकती है।

Body: पशुपालन में जैव प्रौद्योगिकी

  • वीर्य और भ्रूण के लिंग (वाई गुणसूत्र को हटाने के पश्चयात ) → केवल मादा मवेशी का पैदा किया जा सकता है → दूध उत्पादन में सुधार → आय में सुधार।
  • क्लोनिंग, दैहिक कोशिका के केन्द्रक हस्तांतरण, ट्रांसजेनिक जानवर → नस्ल की गुणवत्ता में सुधार, उन्हें रोग और जलवायु प्रतिरोधी बनाते हैं।
  • ट्रांसजेनिक गाय, प्राकृतिक गाय के दूध की तुलना में मानव शिशुओं के लिए अधिक संतुलित उत्पाद के साथ दूध का उत्पादन कर सकती है। → ऐसे प्रीमियम उत्पादों को बेचकर अधिक आय की प्राप्ति ।
  • पुनः संयोजक डीएनए प्रौद्योगिकी → टीकाकरण विकास → पशु-रोगों को नियंत्रित किया। → किसानों की पशुपालन लागत में गिरावट आई है।

Conclusion (निष्कर्ष)

  • इस प्रकार, कृषि और पशुपालन में जैव प्रौद्योगिकी के उपयोग से कृषि उत्पादन में सुधार हो सकता है एवं यह रोगों एवं जलवायु परिवर्तन के प्रति प्रतिरोधक बन सकता है, जिससे किसानों की आय में सुधार होगा। (या फिर)
  • इस प्रकार जैव प्रौद्योगिकी का उपयोग करने से भारतीय किसानों की आय दोगुनी करने में काफी मदद मिलेगी

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