• Ethics: Juvenile Delinquency : rural teenagers throw stones on the passing vehicle on Highwayresulting in accident and damage to the windshield. Police is having difficulty in a resting because the highway is very long and not possible to continuously monitor it through CCTV/Drones due to budget funding constrains. Superintendent of the police (SP) visits the village elders asking for help in nabbing those teens. Village elders say 1) because the schools have been shut down so these teenagers are passing time like this. Government itself is responsible. 2) teenagers also go to work in farms near highway, they do not have big aspirations in life so they’re only bringing their frustration against rich people driving luxury cars on highways. 3) if you arrest any kid from our village, we’ll throw more stones/lock this road. As SP what will you do? (गाँव के किशोर हाईवे पर गुज़रने वाली गाड़ियों पर पत्थरबाज़ी करते हैं जिससे सड़क पर एक्सीडेंट दुर्घटनाएँ हो रही है। ग्रामीण पुलिस के पास इतना बजट नहीं कि CCTV और ड्रोन से निगरानी रख सके। एस पी के रूप में आपका गाँव के बड़े बुजुर्गों से मिलते हैं तो ताकि उन बदमाश किशोरों को पकड़ा जा सके लेकिन बुजुर्गों का ये कहना है कि स्कूल कॉलेज बंद होने के चलते ये बच्चे ऐसा कर रहे हैं। इनमें से ज़्यादातर नज़दीकी खेतों में मज़दूरी करने के लिए जाते हैं और सड़क से अमीरों की गुज़रती गाड़ी को देखके उन्हें रोष/ग़ुस्सा आता है ये सब हमारे पास क्यों नहीं है? इसलिए वो पत्थर फेंकते हैं। अगर आप हमारे बच्चों को पकड़ेंगे तो हम भी धरना प्रदर्शन करेंगे और सड़कों पर पत्थर फेंके और सड़क की नाकाबंदी भी करेंगे। अब आप एसपी के रूप में क्या करेंगे?)
  • Ethics: juvenile Delinquency / Overfeasance- Police arrested 2 teens held for throwing lit firecracker at petrol pump under IPC sections 285 and 286 (negligent conduct) and 336 (endangering human life or personal safety). Local political leaders demand 1) these teenagers could even have been part of a sleeper cell/Lone wolf attack so They must be booked under UAPA/Terrorism charges. Because this could have resulted into a blast! If not, at least booked them under IPC Section 308 (commit culpable homicide) If you do not do this we will start protest against the police. 2) Parents should also be booked to set an example to other parents to remain vigilant about their child behaviour. 3) Teenagers said that they did it for fun and there was no other serious motive behind that act. 4) Parents defend ‘these are just doodh-pitaa-babushonas, they have played mischief because of excessive PUBG Video games, violent web series like Mirzapur where rowdyism is glorified as “TASHAN” so this is not our parenting fault, it is fault of Ministry of information and broadcasting. Look at China they are trying to control such content!” As DCP what will you do? (दो किशोर पेट्रोल पंप पर जलता हुआ पटाखा फेंक कर भाग गए हालाँकि CCTV फ़ुटेज के हिसाब से पुलिस ने उनको गिरफ़्तार किया और उन पर मनुष्य की जान और संपत्ति को ख़तरा डालने की धाराएँ लगायी है। 🤔 हालाँकि कुछ स्थानीय राजनीतिक समूह के पुलिस थाने पर आया है कि ये आतंकवाद, स्लीपर सेल, एकल-भेड़िया हमला भी हो सकता हे! आप इनको आतंकवाद वाले यू॰ए॰पी॰ए॰ क़ानून की धाराएँ लगायिए, वरना कम से कम मानव वध का प्रयास ऐसी भारतीय दण्ड संहिता (IPC) की धारा लगायिए! अगर आप (पुलिस) ऐसा नहीं करेंगे तो हम थाने के बाहर धरना देंगे 🤔 हालाँकि गिरफ़्तार किशोरों का कहना है वो तो बस मौज मस्ती के लिए ऐसा कर रहे थे वो किसी को मारना नहीं चाहते थे । उनके माँ बाप भी पुलिस थाने पहुँच गए हैं कि हमारी बाबू शोनो को छोड़ दीजिए, PubG और मिर्ज़ापुर वेबसिरिज देखकर इनका दिमाग़ भ्रष्ट हो गया है लेकिन ये दिल से बुरे नहीं है, ये किसी को मारना नहीं चाहते थे। इस पूरे मामले में आप DCP के रूप में क्या करेंगे?)
  • Ethics: Role of TV Doctors Misinformation- Actor Puneeth Rajkumar did exercise in the gym then died in a heart attack. TV channels are full of misinformation / misleading information such as 1) Young South Asians (Indians, Pakistanis, Bangladeshis and Sri Lankans) are more at risk with heart attacks than other races. This is statistically misleading because our youth population is higher compared to other races. 2) Should every Indian male over the age of 40 get tested for heart disease. → this is also misleading because routine CT scanning or echocardiography are not advised in individuals who do not have any symptoms. Such tests do not prevent future heart attacks. It only increases the cost and may even result in some side-effects. 3) Previously similar misinformation about Plasma therapy in Corona (ultimately found to be not so useful) & Remdesivir excessive prescription and shortage. 😥 TV channels pedal such misinformation because 1) boosting the business of hospitals in medical tests 2) panellists are not qualified to give professional medical opinion e.g. cancer doctor giving heart advice 3) Anchors are recruited not for their knowledge but looks and ability to shout. How will you address this as A) chairman of national medical commission and B) secretary (IAS) of Ministry Of Information And Broadcasting. (दक्षिणी के फ़िल्म स्टार पुनीत राजकुमार की कसरत करने के बाद दिल के दौरे से मृत्यु पर TV चैनल पर डिबेट के नाम पे आधी अधूरी स्वास्थ्य जानकारियां दी जा रही है। जैसे कि सभी पुरुषों ने CT स्कैन करवाना चाहिए, जबकि यदि आपको कोई शारीरिक पीड़ा नहीं हो रही है तो अनावश्यक रूप से ऐसे ख़र्चे करने की कोई ज़रूरत नहीं। इससे पहले भी प्लाज़्मा थेरपी और रेमडेसिविर के नाम पर ऐसा ही सामूहिक पागलपन/डर का माहौल फैलाकर हॉस्पिटल वाले बहुत पैसा छाप चुके हैं। कई बार इस प्रकार की TV चर्चा में शामिल डॉक्टर असल में इस रोग के विशेषज्ञ नहीं होते और न्यूज़ एंकर को भी उसकी ज्ञान या परिपक्वता नहीं लेकिन ख़ूबसूरती और चिल्लाने की क्षमता पर नौकरी दी जाती है। नैशनल मेडिकल कमीशन के अध्यक्ष के रूप में आप क्या करेंगे? सूचना प्रसारण मंत्रालय के सचिव के रूप में आप क्या करेंगे? )
  • GSM4/BLM: India-Pak t20= Team India took knee for BLM→ social media protest that Hindu Muslim lives also matter. India-NZ t20= Team India did not do it, what is the resulting in social media backlash that it is not sensitive for the plight of the Black Lives Matter! (अभी गुटनेपे नहि बैठ रहे हैं तो भी विवाद हो रहा है!)
  • GSM4/Ethics: corporate ethics → shareholder activism: 1) shareholders of Balaji Telefilms reject the proposal of raising the salary of Ekta Kapoor. 2) ZEE company’s FDI investor Invests (American) trying to replace the present board of directors citing incompetence. 😍1) Activist shareholders can exert the necessary pressure on managements to ensure optimal governance, social environment and ethical responsibilities, and protecting the minority shareholders interest. 😥2) However, in some cases, activism could constitute a subterfuge for certain investors to pursue private battles with managements and promoters, leaving other shareholders caught in the crossfire. e.g. Accession that Investco trying to replace the board of directors, for helping Mukesh Ambani takeover Zee. (शेयर होल्डर बन रहे हैं आंदोलनकारी/सक्रिय: बालाजी टेलीफ़िल्म्स में एकता कपूर अपनी तनख़्वाह बढ़वाना चाहती थी लेकिन शेयरधारकों ने वोटिंग द्वारा उस प्रस्ताव को नामंज़ूर किया, की कंपनी का मुनाफ़ा तो बहुत ज़्यादा नहि बढ़ रहा तो तुम्हें किस बात की ज़्यादा तनखा चाहिए? उसी तरह जी कंपनी के एक विदेशी निवेशक ने भी काफ़ी समय से आंदोलन शुरू किया है कि zee कम्पनी के प्रभावहीन बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टरों को बदला जाए। शेयरधारकों का अपने अधिकारों के लिए इस तरह से सक्रिय होना अच्छी बात है ताकि कंपनी पर दबाव बना रहता है नैतिक रूप से कार्य करने का, पर्यावरण और सामाजिक मूल्यों का जतन करने का । हालाँकि कभी कभी पर्दे के पीछे मामला कुछ और भी हो सकता है जैसे कि आरोप लग रहे हैं मुकेश अंबानी के फ़ायदे के लीए zee कम्पनी मे विदेशी निवेशक द्वारा धमाल करवाई जा रही है।)
  • GSM4/Ethics: Lilavati Hospital (Mumbai) trustees accused of stealing ₹45 cr worth of valuables from the trust which were given by the maharaja of Baroda. Previously Padmanabha Temple (Kerala) trustees in controversy over missing gold from the temple. Points to reflect? 1) during the mediaeval time and British time, Kings and merchants had donated large amount of Gold, artefacts to temples/trusts. Many of it is still undocumented from the public records. And therefore unscrupulous elements made to siphon it otherwise it could be used for the public welfare. (लीलावती हॉस्पिटल के ट्रस्टी और पद्मनाभ मंदिर के ट्रस्टी- तिजोरी मेन से स्वर्ण/सोने के ग़बन के विवादों में फँसे हैं। मध्यकाल और ब्रिटिश युग में राजा महाराजा और बड़े व्यापारियों ने की मोटी मोटी रक़म सोने जवाहरात दान में दिए थे लेकिन उन सबका सरकारी दस्तावेजों में ज़िक्र शायद नहीं है इसलिए इस प्रकार के ग़बन की अवसर बढ़ती है वरना ये सारा धन लोक कल्याण ने भी तो इस्तेमाल हो सकता था)
  • GSM4/Police Ethics in 1st World Countries: 1) USA accusation of racial brutality by the White police officers against the African Americans 2) UK: over 2000 police man facing charges of sexual harassment/rape get only in 6% of the cases any punishment given. Last year police man raped & murdered a woman, resulting in nationwide protests. 🤔 1) education and economic growth alone is not a Panacea. Otherwise first world country should not be having this type of problems! 2) Prompt action against the accused police man necessary. (यदि शिक्षा और आर्थिक वृद्धि ही रामबाण इलाज है तो अमेरिका में श्वेत पुलिस ने अश्वेतों पर अत्याचार नहीं करना चाहिए और इंग्लैंड की पुलिस अफ़सरों द्वारा महिलाओं की यौन उत्पीड़न के लिए सुर्खियां नहीं बटोरनी चाहिए। तो ये पाया गया कि इंग्लैंड में हज़ार से ज़्यादा पुलिसकर्मियों पर यौन उत्पीड़न और बलात्कार के आरोप हैं लेकिन उसमें से छह प्रतिशत को ही सज़ा हुई है यानी की दोषित पुलिसवालों पर जल्द से जल्द कार्रवाई होना ज़रूरी है तभी उनकी आचरण ज़्यादा नैतिक और ईमानदार होगा। पुलिस द्वारा भ्रष्टाचार और सत्ता का दुरुपयोग केवल तीसरे विश्वयुद्ध और ग़रीब देशों की समस्या नहीं है। )
  • GSM4-Sports Redtapism: Indian Express published a report that Indian women hockey coach Sjoerd Marijne, yet to get salary from Sports Authority of India & Rs.25 lakh award from UP Govt. Afterwards Authorities said “Coach has not returned the laptop so we cannot give the salary and if he does not return the laptop we will file police case against him for data theft, since it contains enormous amounts of critical data on the Indian players. This foreign coach is tarnishing the image of India by complaining about salary payment in newspapers!” Coach living in Netherland says he has already initiated the process of sending back the laptop, which had “crashed” in the middle of the Olympics. I brought it along with me to get it repaired but that didn’t happen. I am returning the laptop, I have no problem with that. I do not know why they reacted like this but I wish to make it clear that I meant no disrespect to anyone.” 🤔Points to Reflect: 1) The entire episode could have been handled in a more civilised and sensible manner without doing drama in public. Because ultimately no matter which party wins integrate the respect in public. 2) Typical sarkaari redtapism/ bullyism about police complaint does not help attracting more foreign coaches in future. After all, Coach could have copied the data in the hard disk Anytime. 3) similar attitude in the government research organisation regarding salary and job promotion → Braindrain of talented Indians. As Secretary (IAS) in department of personnel and training (DoPT) what will you do to improve the work culture in government offices? (भारतीय महिला हॉकी टीम के विदेशी कोच ने अख़बार भी शिकायत की थी कि उसे अभी तक तनख्वा नहीं मिली और उत्तर प्रदेश राज्य सरकार ने जो २५ लाख रुपये का ईनाम घोषित किया था वो भी नहीं मिला. अख़बार भी ऐसे समाचार देख के अधिकारी भड़क गए और चेतावनी दी है कि विदेशी कोच ने हमारा सरकारी लैपटॉप वापस नहीं किया इसलिए उसकी तनख़्वाह वेतन रोकी जा रही है! और अगर वो लैपटॉप वापस नहीं करेगा तो हम पुलिस में शिकायत करेंगी. कोच का कहना है लैपटॉप बिगड़ गया था उसको मरम्मत करवाकर में भेजने वाला हूँ। सोचने के विषय- पूरे मामले को ज़्यादा शांति और परिपवक्ता से संभाला जा सकता था। सरकारी बाबुओं के धाक धमकी और लाल फ़ीताशाही वाले रवैये के चलते कच्चे विदेशी कोच को भारत में आकर्षित करना मुश्किल होता है और सरकारी शोध संस्थानों में भी तनख्वा और पदोन्नति के मामलों में कुछ ऐसे ही रवैये के चलते विद्वान भारतीय देश छोड़ के चले जाते हैं. कार्मिक प्रशासन और तालीम विभाग के सचिव के रूप में अब सरकारी दफ्तरों में कार्य संस्कृति को बेहतर करने के लिए क्या क़दम उठाएंगे?)
  • GSM4/Ethics: Priests’ Conduct- 1) The Kerala church bishops wield great influence in the State’s politics and economy. Sometimes in controversy for sexual harassment charges, land scams, collusion with political parties, making communal statements like Narco-Jihad. 2) Tamilnadu some Bishops trying to run their parallel medical colleges and trusts in personal capacity, which maybe later used for augmenting the political capital of the Bishop. So, Vatican instructed them that clerics are prohibited from conducting business or trade personally or through others, for their own advantage. Clergy need to stay away from holding positions in independent trusts and NGOs. (केरला और तमिलनाडु के ईसाई समुदाय के पादरी नैतिक विवादों मे। जवाब लिखते/ इंटरव्यू में बोलते वक़्त वक़्त ध्यान रखना चाहिए की मात्रा र हिंदू धर्म गुरुऑ के आचरण पे फ़ोकस न rhe। अन्य धर्मों में भी ये ऐसी समस्याएं हो सकती है )
  • GSM4/Diversion: CAG found that Bihar government had diverted over 8000 crore rupees of SC/ST Scholarship funds for constructing roads, govt building etc. 🤔 Points to reflect 1) what is this done to cover up the original corruption /fund shortage in road/building? 2) does state government think that building permanent Road/canal is more beneficial for all the citizens of the state compare to giving subsidy to only a section of the citizenry? 3) UPSC asked a similar case study on diverting Housing project fund for building SEZ. (CAG ने पाया है कि बिहार राज्य सरकार ने SC ST विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति का पैसा सड़क निर्माण सरकारी भवन निर्माण में ख़र्च कर दिया है। क्या ऐसा हुआ है कि उन अन्य कार्यों में वित्तीय ग़बन हुआ था इसलिए पैसों की कमी को पूरा करने के लिए छात्रवृत्ति का पैसा उधार भेजना पड़ा या? फिर की क्या राज्य सरकार की प्राथमिकता ये हैं की पूंजीगत स्थायी परिसंपत्तियां जैसे रोड बिल्डिंग बनाना पूरे राज्य के सभी नागरिकों के लिए उपयोगी है बजाय इसके कि सब्सिडी छात्रवृत्ति के रूप में केवल एक समुदाय विशेष को फ़ायदा मिले?)
  • Right to Pets: Residents’ associations pass bylaws to prevent owners from keeping pet animals in their flats. Kerala HC said this is against Prevention of Cruelty to Animals Act and the principles recognised under the Constitution. But such right to keep Pets cannot be absolute. Residents’ associations may stipulate reasonable conditions that must be adhered to by owners while keeping pets (e.g. cleanliness, noise) (यदि किसी हाउसिंग सोसाइटी के रिहाइशी लोगों के संगठन द्वारा ऐसा नियम बनाया जाए कि कोई भी व्यक्ति पालतू जानवर नहीं रख सकता तो वो बस पशु अत्याचार प्रतिबंधन क़ानून और संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन होगा ऐसा केरला हाईकोर्ट ने पाया हालाँकि पालतू जानवर रखने का अधिकार निरपेक्ष नहीं है रिहायशी लोगों का संगठन इस पर औचित्य पूर्ण बंधन लगा सकता है जैसे कि जानवर का शोरगुल और उसके शौच की मालिक द्वारा साफ़ सफ़ाई के नियम)
  • Ethics: METOO in China: PENG SHUAI, a professional tennis star, publicly accused a former vice premier of China of sexual assault but her online post was removed within minutes, Searches of her name and even the word “tennis” appeared to be blocked. 🤔Points to Reflect: 1) METOO originated as a social media movement, but when social media itself is regulated with iron hand, it becomes difficult to raise voice. Because Print-newspapers a restricted by their word space limit, legal restrictions and advertisement revenue considerations to air grievances of every single individual. 2) Economic growth and poverty removal is not panacea to stop gender violence. Previously similar problem in Alibaba company. (चीन की एक पेशेवर टेनिस महिला खिलाड़ी ने चीन के वाइस प्रीमियर पर बलात्कार का आरोप लगाया हालाँकि कुछ ही क्षणों में इंटरनेट से उसकी वो पोस्ट भी हटा दी गई और उस महिला के बारे में चीन मे कुछ भी ऑनलाइन सर्च किया जाए तो सरकारी तंत्र द्वारा उस सर्च को ब्लॉक कर दिया गया है। मी टू मुहिम सोशल मीडिया से बढ़ी थी लेकिन जब सरकार ही सोशल मीडिया पर सख़्ती कर दे तो एकल महिला अपनी बात रख नहीं सकती क्योंकि अख़बार में जगह की समस्या होती है तो हरेक मामले को वो छाप नहीं सकते। २) आर्थिक वृद्धि और ग़रीबी निवारण अपने आप में लेंगिक हिंसा रोकने का रामबाण इलाज नहीं है वरना तो अलीबाबा कंपनी में भी ऐसा नहीं होना चाहिए)
  • Ethics: Public morality & Media trial. After LPG reforms 1) girls talking to boys outside their family circle is not frowned upon. 2) Woman wearing Western clothes in movies, is not necessarily the Vamp. 3) more liberal /open attitude towards drinking and smoking and non-veg food. 4) more liberal attitude towards teenagers’ roaming in night, partying etc. 5) Normalisation of swearing, adultery, homosexuality, Rowdism/gundaai/tashan in web series/movies. Although in the SRK son Aryan Khan case social media is going back to the regressive days, “Why Girl Ananya is talking to Boy Aryan on WhatsApp about partying and drugs? and even if Aryan not taking drugs still why did he go on Cruz Party without parents? this is bad parenting by fathers SRK & Chunkey Pandey.” (LPG सुधार के बाद सार्वजनिक नैतिकता की मानदंडों में बदलाव आया है। लड़के लड़कियों की घुलने मिलने पर, पार्टी करने पर, शराब धूम्रपान करने पर, पहले से ज़्यादा उदारवादी रवैया है हालाँकि फ़िल्मी सितारों के बच्चों के मामले मे सोशल मीडिया वापस रूढ़िवादी मानदंडो पर उनके आचरण का मूल्यांकन शुरू कर रहा है।
  • Ethics: value system of urban middle class / urban feudalism: In Corona domestic help, cooks, drivers, hawkers and daily-wage workers- their salaries frozen, removed from jobs, forced to return to village. 2) middle class has enjoyed the comfort in Corona because of the smartphone boom: E-learning, online food and grocery delivery. 3) Being a citizen is a secondary act, asserting consumer rights our primary profile. 4) India has to be swachh but that responsibility is in the hands of the lower class and castes (कोरोना के दौरान मध्यम वर्ग की मानसिकता/ मूल्य व्यवस्था में शहरी सामंतवाद दिख rha हे जिसे ग़रीब और मज़दूरों की परवाह नहीं)
  • GSM4- Bench vs Bar: Rajkot principal district judge came to know about certain instances of lower is misbehaving with judges. So, he ordered all the judges under his jurisdiction to record any misdemeanour by any advocate in a manner not consistent with the prestige of the court”. Rajkot Bar Association complained against such circular to the Gujarat High Court citing 1) this order is disrespectful to the advocates 2) why doesn’t the order talk about the misbehaviour by the judges? 3) judge has acted unilaterally without consulting the bar. This has the potential to sour the cordial relationship between the Bar and Bench. As the High Court judge how many what does this petition? (राजकोट में वक़ील की बतमीजी ए के मामलों को देखते हुए कि मुख्य जिला न्यायाधीश ने एक परिपत्र जारी किया कि सभी आधिन न्यायधीशों ने वकीलों की बदसलूकी का रेकर्ड उन्हें भेजना होगा। राजकोट बार संग इससे नाराज़ है कि ऐसा क्यों कहा जा रहा है कि वक़ील बदसलूकी करते हैं जबकि जज भी तो बदसलूकी कर सकते हैं! हम से चर्चा विमर्श किए इस प्रकार का परिपत्र जारी करना बार एसोसिएशन और न्यायपीठ के बीच रिश्तों को खट्टा कर सकता है। हाई कोर्ट न्यायाधीश के रूप में अब इस मामले में क्या करेंगे?)
  • GSM4/Medical Ethics: Mumbai Dr. knew that his wife had a fake medical degree. Yet he allowed her to work in his clinic. While diagnosing any patient wife would send WhatsApp message asking husband for guidance! Police trying to arrest him based on this WhatsApp chat as evidence. Sessions court has denied bail to Dr looking at the WhatsApp chat. (In separate case, SRK son lawyers arguing WhatsApp chats are not admissible in court) (मुंबई में एक डॉक्टर जिसे पता था कि उसकी पत्नी का डॉक्टर का सर्टिफ़िकेट फ़र्ज़ी है फिर भी उसे अपने क्लीनिक में काम करने देता था क्योंकि डॉक्टर पत्नी को वास्तव में तो कुछ नहीं आता था तो हर मरीज़ की जाँच करते वक़्त वो वॉट्सऐप मैसेज से अपने पति को पूछ पूछकर दवाइयां दिखती थी पुलिस ने इस प्रकार की वॉट्सऐप चैट को सुबूत मानते हुए गिरफ़्तारी शुरू की तो डॉक्टर पति अदालत में गया लेकिन अदालत ने उसको ज़मानत नहीं दी इन वॉट्सऐप चैट को देखते हुए। दूसरी तरफ़ शाहरुख़ ख़ान के शौर्यविर बेटे के वक़ील बोल रहे हैं की कोर्ट ने वाट्सएप चैट का संज्ञान नहीं लेना चाहिए)
  • Ethics: Media Trial vs Journalistic Ethics vs right to Bail: NCB leaking WhatsApp screenshot chats of film actress Ananya promising to supply drugs to star kid Aryan Khan. This was selectively leaked in media at a crucial time just before the bail hearing. Critics argue 1) it could put pressure on the judge not to give bail because of the public perception against the accused 2) Even if the person is innocent she/he cannot reclaim the reputation back. 3) NCB not officially released them. This has been leaked to selectively by insider. Therefore some of the media houses (NDTV) did not showcase the exact screenshots. Question: if you are TV news channel editor will you show case such spicy screenshots or NOT? (शाहरुख़ सुपुत्र आर्यन ख़ान की ज़मानत की सुनवाई की एक दम पहले ही पुलिस द्वारा मीडिया में वाट्सएप चैट के स्क्रीन शॉट लीक किए गए जिसके चलते १) सोशल मीडिया पर जनता पहले से मन बना लेती है कि ये लोग अपराधी है और इस जज पर भी दबाव बनता है कि यदि वे ज़मानत दे देंगे तो सोशल मीडिया जज को पसंद नहीं करेगा। 2) यदि व्यक्ति निर्दोष भी हो तो भी हमेशा के लिए लोगों की नज़रों में बदनाम रहता है. इसलिए मीडिया ट्रायल से बचने के लिए कुछ न्यूज़ चैनलों ने इसे नहीं देखा यदि आप न्यूज़ चैनल के सम्पादक होते तो क्या करते?)