Nupur Sharma Hate Speech FIR Clubbing Protest

[Polity WMD] Nupur Sharma FIR clubbing, separation of powers, judicial appointments, Hermit Spyware- Weekly Mrunal Digest from Jun week4-2022

In polity by Mrunal

  • Polity: Secularism / Social Media / Rights-Issues: A person cannot be prosecuted more than once for the same offence. Article 20(2) of the Constitution guarantees the right against double jeopardy. Multiple FIRs on the same incident would virtually mean multiple trials. So, SC usually allows clubbing / grouping of such FIR into single place to prevent excessive litigation and protect fundamental rights of a citizen. Because similar FIRs in different jurisdictions also violates fundamental rights. e.g. In Arnab Goswami case however 2022- Supreme Court declined a plea by former BJP spokesperson Nupur Sharma to club/group FIR filed against her for hate speech. Saying 1) she’s not a Journalist 2) expressed displeasure for the problems created by her hate speech. (एक ही आपराधिक मामले के लिए किसी व्यक्ति को दो बार सजा नहीं हो सकती. इसी तर्कद को आगे बढ़ाते हुए एक ही आपराधिक मामले के लिए विभिन्न जगहों पर व्यक्ति के ख़िलाफ़ यदि FIR दर्ज हो तो सुप्रीम कोर्ट उनके एकीकरण की अनुमति देती है – ताकि विविध न्यायालय का समय बर्बाद न हो और व्यक्ति का अनावश्यक रूप से उत्पीड़न हो। पत्रकार अर्नब गोस्वामी के मामले में ऐसा किया गया था। कुछ समय पहले BJP प्रवक्ता नूपुर शर्मा द्वारा टेलिविज़न पर कुछ इस्लाम विरोधी बयानों के चलते पूरे भारत में अनेक जगहों पर उसके ख़िलाफ़ FIR दर्ज हुई है तो नूपुर शर्मा ने भी सुप्रीम कोर्ट से ऐसी रियायत माँगी थी जिसके लिए सुप्रीम कोर्ट ने मना कर दिया कि तुम पत्रकार नहीं हो और तुम्हारी विवादित बयानों के चलते भारत में बोहोत हिंसा हो रही है इसलिए तुम्हें रियायत नहीं देंगे।)
  • Polity: Secularism / Social Media / Rights-Issues: “Udaipur Killing”: after Nupur Sharma hate speech → Udaipur-based tailor Kanhaiyalal Teli shared some social media posts supporting it → Mohammad Riyaz and Ghouse Mohammad murdered him and uploaded video. MINISTRY of Electronics and Information Technology (MeitY) has directed all social media companies to “proactively and immediately” remove all content that encourages, glorifies or justifies the recent murder in Udaipur, in order to prevent “any incitement and disruption of public order and to restore public peace and harmony”. (उदयपुर में एक टेलर/ सिलाई काम करने वाले व्यक्ति की निर्मम हत्या- उसने BJP की भूतपूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के इस्लाम विरोधी बयानों के समर्थन में कुछ सोशल मीडिया में शेयर किया था। हत्यारों ने की हत्या के बाद एक वीडियो भी सोशल मीडिया में जारी किया जिसके बाद कई लोग उन हथियारों के समर्थन में सोशल मीडिया में बकवास करते रहते हैं जिससे कोमी/धार्मिक सौहार्द बिगड़ सकता है इसलिए सरकार ने सभी सोशल मीडिया कम्पनियों को कहा है कि वो सब विवादित चीज़ों को तुरंत हटाओ।)
  • Polity: Comparing constitutions (GSM2) – Secularism / separation of power: in USA- Republican party and previous President Donald Trump had managed to get some CONSERVATIVE Judges appointed in US Supreme Court. As a result Supreme Court is slowly slowly giving judgements that remove the separation between church and state e.g. (1) using taxpayers money to give Christian religious teaching to students is not wrong. (2) Highschool coach says Christian prayers in stadium during sports tournament, The school owner cannot suspend him. Etc. 🤔Points to Reflect: Think about how Indian collegium system is better for appointment of judges in this regard. (भूतकाल में पूर्व राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प और रिपब्लिकन पार्टी ने अमरीकी सुप्रीम/ कोर्ट सर्वोच्च न्यायालय में कुछ रूढ़िवादी जज/ न्याधीशों की नियुक्ति करवाई थी इसके चलते आज कल अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट कुछ ऐसे फ़ैसले सुना रहा है जिससे ईसाई धर्म और राज्य प्रशासन के बीच बनायी गई धर्मनिरपेक्षता की दीवार धीरे धीरे टूट रही है। उदाहरण के रूप में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि करदाता टैक्सपेयर का पैसा ऐसी सरकारी योजनाओं में जाता है जहाँ ईसाई धर्म की शिक्षा स्कूली बच्चों को दी जाती हो तो वो सब वाजिब है। यदि हाई स्कूल का कोच खेल-प्रतियोगिता ख़त्म होने के बाद विद्यार्थियों के सामने ईसाई प्रार्थना करता है तो वो वाजिब है इसके लिए उसे नौकरी से सस्पेंड नहीं कर सकते। ग़ौर करने वाली बात ये है कि भारत में प्रधानमंत्री या पार्लियामेंट द्वारा सुप्रीम कोर्ट के जजों का चयन नहीं होता उनकी अपनी अलग से कॉलेजियम प्रणाली है। वरना सोचो अमरीकी प्रणाली होती तो धर्मनिरपेक्षता पर क्या असर होता।)
  • Polity: separation of powers / judicial overreach / gsm2 Comparing constitutions (GSM2): American federal government trying to make strict rules on factories for pollution control and climate change. But, US Supreme Court imposed limits on this power of Union Govt. Presently American Supreme Court is dominated by conservative minded judges favoured by the Republican party. Republican party received funding / support from big industrialist in the energy sector. Environment activists are outraged by this. 🤔Points to Reflect: Think about how Indian collegium system is better for appointment of judges in this regard. (अमेरिकी फे़डरल सरकार प्रदूषण नियंत्रण और जलवायु परिवर्तन की रोकथाम के लिए फैक्ट्रियों पर कुछ सख़्त क़ानून बनाना चाहती है किन्तु अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फ़ेडरल सरकार इन कदमों में रुकावट डाल रहा है. जिसे पर्यावरणवादी लोग नाराज़ हैं. आलोचकों का मानना है कि रिपब्लिकन पार्टी ने कुछ रूढ़िवादी जजों को सुप्रीम कोर्ट में बिठा दिया और रिपब्लिकन पार्टी को बड़ी बड़ी ऊर्जा कम्पनियों से चुनाव फंड में अरबों डॉलर मिलते हैं और वे नहीं चाहते कि प्रदूषण नियंत्रण के क़ानून और सख़्त हो जाए.)
  • PIN: Maharashtra new chief minister: Shiv Sena rebel leader Eknath Shinde. New Dy.CM: BJP leader Devendra Fadnavis
  • Polity Explained: Speaker’s powers in a rebellion https://indianexpress.com/article/explained/speaker-powers-constitution-shiv-sena-mlas-rebel-maharashtra-crisis-floor-test-7997172/
  • Polity: GSM2-Pressure groups: Foreign Contribution (Regulation) Act (FCRA) regulate the donations received by Indian organisations from abroad. Earlier the rules were strict. 2022 home Ministry relaxed some rules. 🤩 Parties, judges, media can get funds from kin abroad without prosecution fear. 🤩 5 per cent penalty if govt is not informed within 90 days. Thus minor offence is made compoundable instead of jail. (भारतीय संगठनों को विदेशों से मिलने वाले चंदे पर नियंत्रण के लिए FCRA क़ानून है. गृह मंत्रालय में ने इसमें कुछ रियायतें दी है ताकि छोटे छोटे मामलों में जेल न हो और आर्थिक जुर्माना भर के मांडवाली/समझौता हो सके)
  • To download the PDF compilation of current affairs– Visit Mrunal.org/current

Page IR

  • IR/Defense: India-USA: INDIA rejected report of US Commission on International Religious Freedom (USCIRF) about minority persecution in India. Indian govt said 1) this report is “biased” and “inaccurate”. 2) This US org has “severe lack of understanding” of India and its constitutional framework, the country’s plurality and its democratic ethos. (अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता के अमरीकी आयोग ने भारत में अल्पसंख्यक जोखिम में है इत्यादि वही घिसी पिटी बातें करते रहता है जिस पर भारत सरकार ने आपत्ति और विरोध जताया है की तुम्हारा यह रिपोर्ट पक्षपात पूर्ण और ग़लत है। इस अमरीकी आयोग को भारत की सभ्यता संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक गुणों की बिलकुल ही समझ नहीं है।)
  • IR/Defense: NATO formally invited Finland and Sweden to join the alliance, after Turkey dropped its objections to their membership. (नाटो सैन्य समूह ने कहा कि फिनलैंड और स्वीडन को भी सदस्य बना सकते हैं तुर्की को इससे कोई एतराज़ नहीं है।)
  • IR/Defense: RUSSIA (1) Russia has promised to give ISKANDER-MISSILE SYSTEM to BELARUS (2) Russia is two biggest export include energy (oil,gas) and Gold. Group of Seven (G7) nations agreed on a ban on Russian gold imports as punishment/sanction over Ukraine.
  • IR/Defense: Hermit is a spyware on the lines of Pegasus by the NSO Group. Once installed on a device, it can record audio on the device, and carry out unauthorised calls. Reports of its misuse in Italy and Kazakhstan